जम्मू कश्मीर के राजा हरिसिंह गौर चाहते थे कि उनका राज्य कभी गुलाम ना रहे। वह हमेशा आजाद रहे मगर वह ऐसा नहीं कर सके । भारत की स्वतंत्रता के पश्चात जनसंघ ने भी यही सोचा कि कश्मीर भारत का अमिट हिस्सा बना रहे मगर श्यामा प्रसाद मुखर्जी और पंडित दीनदयाल उपाध्याय का यह सपना ,सपना ही बनकर उनके साथ विदा हो गया।  फिर समय आया अटल बिहारी बाजपेयी की सरकार का पर वह भी कश्मीर के मुद्दे पर कुछ खास नहीं कर पाई लेकिन अंततः भाजपा का यह सपना 70 वर्ष बाद पूरा होता दिखाई दे रहा है। भाजपा जनसंघ के जमाने से कश्मीर को भारत का अखंड भाग बनाने में प्रयासरत रही है लेकिन राजनीतिक परिस्थितियों ने उसे मजबूर किया। लोकसभा और राज्यसभा में पूर्ण बहुमत ना होने की वजह से वह अनुच्छेद 370 को हटाने का वादा पूरा नहीं कर सकी। लेकिन आखिरकार आज वह समय आया है जब धारा 370 को हटाने की नई इबारत प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अमित शाह के युग में लिख दी गई है।  जो लोग अटल- आडवाणी और मोदी -शाह की जोड़ी में फर्क देखना चाहते हैं वह आज कश्मीर मुद्दे पर लिए गए ऐतिहासिक निर्णय से जान ले कि नरेंद्र मोदी और अमित शाह कितने दृढ़ और साहसी हैं। निसंदेह यह जम्मू कश्मीर के लिए एक नई आजादी का समय है। क्योंकि कश्मीरी पंडितों को सात दशक से अछूतों की तरह जीवन जीने को मजबूर  थे। मोदी सरकार ने उनके जीवन में एक नया सवेरा ला दिया है। जम्मू कश्मीर में अनुच्छेद 370 को हटाने का वादा पूरा करके मोदी सरकार ने यह साबित कर दिया है कि वह जो कहती है उसे हर हाल में करके रहती है । अनुच्छेद 370 का खात्मा क्या मोदी के अखंड भारत मिशन की शुरुआत कही जाए ? बरहाल, यह पश्चिम से सूर्य उगाने जैसा असंभव लक्ष्य था, जिसे नरेंद्र मोदी और अमित शाह की जोड़ी ने कामयाबी के साथ हासिल कर लिया है । वह कश्मीर जो भारत का मुकुट माना जाता है उसे अलगाववादियों ने पाकिस्तानी हुक्मरानों की मदद से खूनी घाटी में तब्दील कर दिया। वह कश्मीर जो भारत का स्वर्ग कहा जाता है ना जाने कितने बेगुनाहों के खून के दाग से रक्त रंजित है। जम्मू कश्मीर में अनुच्छेद 370 खत्म करना राजनीतिक दलों के लिए एक सपना था लेकिन गृह मंत्री अमित शाह के दृढ़ इरादे ने स्वप्न साकार किया है। कुछ ही दिन पहले मोदी सरकार ने ट्रिपल तलाक कानून बनाकर देश में मुस्लिम महिलाओं के साथ चली आ रही क्रूर कुप्रथा को खत्म किया है तो अब कश्मीर पूर्ण राज्य बनने जा रहा है। एक बात तो साफ है कि मोदी कौन सी चाल चलेंगे इसकी भनक वह वह किसी को नहीं लगने देते । यही कारण है कि वह अपने फैसलों से विश्व को चौंका देते हैं । मिशन कश्मीर भाजपा के लिए चंद्रयान दो से भी बढ़कर है क्योंकि वह चाहती है कि यहां राज्य में पूर्ण बहुमत की सरकार बने जैसी केंद्र में है । कश्मीर को पत्थरबाजों से भी आजादी मिलेगी जो हमारी मिट्टी में पलते हैं हमारा अन्न खाते हैं लेकिन नौकरी पाकिस्तान की बजाते हैं। 370 अनुच्छेद हटाने से पाकिस्तान को कितना बड़ा झटका लगा होगा इसका अंदाजा कर पाना मुश्किल है। स्वतंत्रता दिवस के चंद दिनों पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने न केवल जम्मू कश्मीर बल्कि पूरे हिंदुस्तान की जनता को सबसे बड़ी खुशी प्रदान की है इसलिए मोदी और अमित शाह बधाई के पात्र हैं । लेकिन ध्यान रहे कश्मीर में खतरे और बढ़ेंगे क्योंकि दुश्मन राष्ट्र पाकिस्तान की कायराना हरकतें बढ़ जाएंगी इसलिए सेना को और मुस्तैदी से तैनात रहना पड़ेगा। कश्मीर को पूर्ण राज्य का दर्जा देकर भारतीय जनता पार्टी यहां उद्योग व्यापार रोजगार और पर्यटन के क्षेत्र में कई बड़े कदम आगे बढ़ाएगी। अब इस बात पर कोई संशय नहीं की अयोध्या में राम मंदिर निर्माण का सपना भी जल्द पूरा होने वाला है । कश्मीर के नौजवान विकास की मुख्य धारा से जुड़ेंगे और देश भर में अपने राज्य का नाम रोशन करेंगे। बहरहाल, 370 अनुच्छेद हटाए जाने के इस ऐतिहासिक फैसले के बाद कुछ सवाल भी खड़े होंगे पर इतना जरूर है कि जम्मू कश्मीर अब अखंड राष्ट्र निर्माण का केंद्र बिंदु कहलायेगा।
(लेखक विजय शुक्ला देश के जाने माने युवा क्रांतिकारी पत्रकार एवं राष्ट्रीय हिंदी दैनिक विजय मत के प्रधान संपादक हैं)